Uttarakhand news: बड़ी राहत: कुमाऊं आयुक्त के दखल से बुजुर्ग महिला को मिला 14 साल बाद हक!


Uk positive news: जमीन की खरीद (2012): ऋषिकेश निवासी श्रीमती गीता बैरागी ने किच्छा की सुनहरा कॉलोनी में श्री सकुन राय से ₹95,000 में 60 गज का एक प्लॉट खरीदा था।


रजिस्ट्री की समस्या: बार-बार कहने पर भी जमीन की रजिस्ट्री नहीं की जा रही थी। बाद में पता चला कि जमीन असल में श्री सुनील ढाली के नाम पर दर्ज थी। सुनील ढाली टैक्स/व्यय बचाने के लिए ‘दान रजिस्ट्री’ (Gift Deed) करने का दबाव बना रहे थे।


शिकायत (अप्रैल 2026): परेशान होकर श्रीमती गीता बैरागी ने कुमाऊं आयुक्त/सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत के सामने शिकायत दर्ज कराई।
प्रशासनिक कार्रवाई: आयुक्त दीपक रावत ने मामला तहसीलदार (किच्छा) को सौंपकर दोनों पक्षों की व्यक्तिगत सुनवाई करने और नियमानुसार समाधान निकालने के निर्देश दिए।


सफल समाधान (जून 2026): सुनवाई के बाद मूल विक्रेता सुनील ढाली ने खरीदार गीता बैरागी के नाम पर भूमि की वैध रजिस्ट्री कर दी।
आभार प्रकट: मामला सुलझने के बाद 1 जून 2026 (सोमवार) को श्रीमती बैरागी ने स्वयं उपस्थित होकर कुमाऊं आयुक्त का धन्यवाद किया


हल्द्वानी (उत्तराखंड)। कुमाऊं आयुक्त और मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत की जनसुनवाई [1] एक बार फिर एक परेशान बुजुर्ग महिला के लिए मददगार साबित हुई है। प्रशासनिक दखल के बाद किच्छा में पिछले 14 वर्षों से अटका हुआ एक भूमि विवाद महज दो महीनों के भीतर सुलझा लिया गया है। पीड़ित महिला को उनकी जमीन की वैध रजिस्ट्री मिल गई है।
14 साल से रजिस्ट्री के लिए भटक रही थी महिला
मामला वर्ष 2012 का है। ऋषिकेश की रहने वाली श्रीमती गीता बैरागी ने उधम सिंह नगर के किच्छा (सुनहरा कॉलोनी) में श्री सकुन राय नामक व्यक्ति से ₹95,000 में 60 गज का एक प्लॉट खरीदा था। पैसे देने के बाद भी विक्रेता जमीन की रजिस्ट्री करने में टालमटोल कर रहा था। काफी दबाव के बाद पता चल

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