उत्तराखंड: यहां चीटियों के काटने से मौत की आगोश में सो गया मासूम!

बागेश्वर जिले के कपकोट तहसील के गांव पोस्ट पौसारी में पांच वर्षीय प्रियांशु और तीन साल का सागर आंगन में खेल रहे थे। अचानक दोनों भाइयों को चींटियों ने काट दिया। दोनों बच्चों की तबीयत बिगड़ने पर परिजन दोनों बच्चों को अस्पताल लेकर आए। अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार तीन वर्षीय सागर की अस्पताल पहुंचने से पहले मौत हो गई थी।

बृहस्पतिवार दोपहर करीब दो बजे पौसारी गांव में भूपेश राम का पांच वर्षीय बेटा प्रियांशु और तीन साल का बेटा सागर आंगन में खेल रहे थे। अचानक दोनों भाइयों को बुलेट चींटी, रेड फायर चींटियों ने काट दिया। दोनों बच्चों की तबीयत बिगड़ने पर परिजन दोनों बच्चों को जिला अस्पताल लेकर आए। जिला अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार तीन वर्षीय सागर की अस्पताल पहुंचने से पहले मौत हो गई थी। प्रियांशु का जिला अस्पताल में इलाज किया गया।

उसकी हालत में सुधार होने पर शुक्रवार को परिजन घर ले गए। जिला अस्पताल में दोनों बच्चों का इलाज करने वाले डॉ. राहुल मिश्रा ने बताया कि बृहस्पतिवार रात परिजन बच्चों को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने बच्चों का परीक्षण किया। सागर की पहले ही मौत हो चुकी थी। प्रियांशु का इलाज किया गया। पिता भूपेश राम ने बताया कि लाल रंग की बड़ी चींटियों ने बच्चों को काटा था।

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बताया जाता है कि लाल रंग की बुलेट चीटियां जहरीली होती हैं इनके काटने पर तुरंत इलाज न मिलने के चलते मौत भी हो सकती है। सागर की मौत से परिवार में कोहराम, गांव के लोग उक्त घटना से सदमे में ।

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बताया जाता है कि इस चींटी की खोज 1793 में हुई थी। आज इसकी करीब 90 प्रजातियां पाई जाती हैं लेकिन इनमें से बुलेट चींटी और रेड फायर चींटी काफी खतरनाक चींटियां मानी जाती है।

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