दर्दनाक हादसा: यहां कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग!

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज (पुरनिया) इलाके से सोमवार दोपहर एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ एक तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में लगी भीषण आग के कारण कई लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में अधिकांश 16 से 18 वर्ष के मासूम छात्र शामिल हैं।
घायल: हादसे में कई बच्चे घायल हुए हैं, जिनमें से 5 से 7 लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। कुछ छात्र इमारत की पहली मंजिल से कूदने के कारण गंभीर रूप से चोटिल हुए हैं।
इमारत का अवैध ढांचा: लखनऊ विकास
प्राधिकरण (LDA) की शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह इमारत कागजों पर आवासीय (Residential) थी, लेकिन इसका उपयोग व्यावसायिक तौर पर किया जा रहा था। इस लापरवाही को लेकर LDA के 16 अधिकारी जांच के घेरे में हैं।
आग का कारण: शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, आग लगने की वजह एसी (AC) में ब्लास्ट या शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा है। ग्राउंड फ्लोर पर एक पेट शॉप (Pet Shop) थी, जहाँ से आग तेजी से ऊपर की मंजिलों की तरफ फैली।
फंसने की वजह: आग की लपटें इतनी तेज थीं कि बच्चों को बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिला। दम घुटने से बचने के लिए कई छात्रों ने बाथरूम में शरण ली थी, लेकिन जहरीले धुएं के कारण वे वहीं अचेत हो गये।
सरकार और प्रशासन की कार्रवाई
SIT जांच के आदेश: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए मामले की जांच के लिए 2-सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जिसे 7 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी। मुख्यमंत्री ने खुद अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात की है।
मुआवजे का ऐलान: मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को ₹5-5 लाख और घायलों को ₹50-50 हजार की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पीएम राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख देने का ऐलान किया है।
प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद अवैध रूप से इमारत चलाने वाले मालिकों और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।l

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