मुजफ्फरनगर में सनसनी: दोना-पत्तल फैक्ट्री बनी ‘हाउस ऑफ हॉरर’!

Uk positive news: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक दोना-पत्तल बनाने वाली फैक्ट्री मजदूरों के लिए ‘हाउस ऑफ हॉरर’ (दहशत का घर) बन चुकी थी। माड़ी गांव में स्थित इस फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूरों को बंधक बनाकर उन पर अमानवीय अत्याचार किए जा रहे थे। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मौके से 12 मजदूरों को सुरक्षित छुड़ा लिया है, जिनमें से एक मजदूर उत्तराखंड के नैनीताल जिले का रहने वाला है।
लालच देकर जाल में फंसाया, फिर छीन लिए दस्तावेज
जानकारी के अनुसार, फैक्ट्री का मालिक अंकित बालियान मजदूरों को 12 हजार रुपये प्रति माह सैलरी, मुफ्त रहने और खाने का लालच देकर अपनी फैक्ट्री लाता था। एक बार जब मजदूर फैक्ट्री के अंदर पहुंच जाते, तो वे वापस नहीं लौट पाते थे। मालिक ने सुरक्षा और पहचान के नाम पर सभी मजदूरों के फोन, पहचान पत्र ([दस्तावेज संशोधित]) और अन्य जरूरी कागजात अपने पास जमा करा लिए थे ताकि कोई किसी से संपर्क न कर सके।
बर्बरता की हदें पार: भाले से दागना और खूंखार कुत्ते छोड़ना
फैक्ट्री के भीतर मजदूरों को दी जाने वाली यातनाएं रूह कंपा देने वाली थीं। बंधक बनाए गए मजदूरों ने बताया कि उनसे दिन-रात काम कराया जाता था और विरोध करने या भागने की कोशिश करने पर:
शरीर को लोहे के भाले से दागा जाता था।
बेल्ट, कोड़ों और डंडों से बेरहमी से पीटा जाता था।
भागने का प्रयास करने वालों पर ‘रॉटविलर’ प्रजाति के खूंखार कुत्ते छोड़ दिए जाते थे।
बात न मानने पर पिस्टल तानकर जान से मारने की धमकी दी जाती थी।
इतना ही नहीं, इस भीषण शारीरिक प्रताड़ना के बीच मजदूरों को दिन में सिर्फ एक वक्त का खाना दिया जाता था, जिसमें चोकर की सूखी रोटियां शामिल होती थीं।
ऐसे हुआ दहशत की फैक्ट्री का भंडाफोड़
इस नरक जैसी जिंदगी से तंग आकर आखिरकार एक मजदूर किसी तरह अपनी जान बचाकर फैक्ट्री से भागने में सफल रहा। उसने बाहर आते ही पुलिस और प्रशासन को इस पूरी आपबीती की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और फैक्ट्री पर छापेमारी कर 12 मजदूरों को इस चंगुल से आजाद कराया।
पुलिस की कार्रवाई: दो गिरफ्तार, मुख्य आरोपी फरार
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। फैक्ट्री मालिक अंकित बालियान फिलहाल फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। हालांकि, पुलिस ने अंकित के पिता प्रदीप बालियान और फैक्ट्री के सुपरवाइजर शिवम त्यागी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी को भी जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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