Uttarakhand: आयुक्त दीपक रावत के जनता दरबार में ऑन-द-स्पॉट एक्शन!

हल्द्वानी (उत्तराखंड)। मुख्यमंत्री के सचिव और कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने शनिवार (6 जून, 2026) को हल्द्वानी स्थित कैंप कार्यालय में जनता दरबार (जनसुनवाई कार्यक्रम) लगाया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र की जनता की समस्याओं को बेहद गंभीरता से सुना। जनसुनवाई में मुख्य रूप से जमीन विवाद, धोखाधड़ी, पैसों के लेन-देन और सोशल मीडिया के जरिए प्रताड़ित करने जैसी शिकायतें सामने आईं, जिनमें से अधिकांश का आयुक्त ने मौके पर ही निपटारा किया और संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
जनसुनवाई के दौरान आए मुख्य मामले और उन पर हुई कार्रवाई इस प्रकार हैं:
1. 30 साल की स्कूल लीज और 52 लाख का विवाद
शिकायतकर्ता भव्ये भंडारी ने आयुक्त को बताया कि उन्होंने ‘केवीएम पब्लिक स्कूल’ के संचालन के लिए शमशाद हुसैन नाम के व्यक्ति के साथ 30 वर्षों का भूमि लीज अनुबंध (Agreement) किया था। आरोप है कि इसके बावजूद संबंधित भूमि स्वामी ने अनुबंधित जमीन पर अपना अवैध कब्जा जमाया हुआ है।
वहीं, दूसरी ओर भूमि स्वामी शमशाद हुसैन ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि उन्होंने अनुबंध के तहत मिली धनराशि में से कुल ₹52 लाख (₹40 लाख और ₹12 लाख) केवीएम पब्लिक स्कूल को वापस लौटा दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए कुमाऊं आयुक्त ने शिकायतकर्ता को इस पर आगे की कानूनी कार्यवाही (अग्रिम कार्रवाई) करने के निर्देश दिए।
2. फेसबुक-इंस्टाग्राम पर अश्लील फोटो डालने वाले को सख्त चेतावनी
काठगोदाम निवासी एक पीड़ित ने सोशल मीडिया के दुरुपयोग और उत्पीड़न की गंभीर शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि खुटलिया कोटाबाग निवासी अशोक कुमार (पुत्र स्वर्गीय श्री प्रकाश चंद्र) उसके अश्लील फोटो और वीडियो फेसबुक व इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर प्रताड़ित कर रहा है। मामले का तुरंत संज्ञान लेते हुए आयुक्त दीपक रावत ने आरोपी अशोक कुमार को कड़े लहजे में अंतिम चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में ऐसी हरकत दोबारा दोहराई गई, तो आरोपी के खिलाफ बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई कर उसे जेल भेजा जाएगा।
3. प्लॉट के नाम पर ₹9 लाख की धोखाधड़ी, आधी रकम वापस कराने का आश्वासन
जमीन की खरीद-फरोख्त में धोखाधड़ी का एक और मामला सामने आया, जहां एक शिकायतकर्ता ने बताया कि शिव कुमार नाम के एक प्रॉपर्टी डीलर ने उन्हें ग्राफिक एरा के पास एक प्लॉट दिखाया था। डीलर ने दावा किया था कि उस प्लॉट की ‘पावर ऑफ अटॉर्नी’ उसके नाम पर है, जिस पर भरोसा करके पीड़ित ने ₹9 लाख देकर एग्रीमेंट कर लिया।
बाद में जब मूल भू-स्वामी ने अपनी जमीन बेचने से साफ इनकार कर दिया, तब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। हालांकि, प्रॉपर्टी डीलर ने ₹9 लाख में से 50% राशि (₹4.50 लाख) वापस कर दी है, लेकिन बाकी रकम फंसी हुई है। आयुक्त ने पीड़ित को भरोसा दिलाया कि बची हुई शेष धनराशि भी प्रॉपर्टी डीलर से जल्द से जल्द वापस करवाई जाएगी।
4. विधवा महिला के पैसे डकारने वाले पर कसेगा शिकंजा
नई बस्ती (वार्ड नंबर 26, हल्द्वानी) की रहने वाली जुबेदा (पत्नी स्वर्गीय राशिद) ने अपनी आर्थिक परेशानी का जिक्र करते हुए बताया कि उनके स्वर्गीय पति ने अब्दुल खालिक नामक व्यक्ति को ₹3.50 लाख दिए थे। पति की मृत्यु के बाद अब्दुल ने केवल ₹1.20 लाख ही वापस किए और बची हुई रकम लौटाने में लगातार आनाकानी कर रहा है। इस पर कुमाऊं आयुक्त ने महिला को आश्वासन दिया कि आगामी जनसुनवाई में दोनों पक्षों को आमने-सामने बुलाकर सुना जाएगा और महिला को उनकी पूरी बकाया धनराशि वापस दिलवाई जाएगी।
आयुक्त का संदेश: जनसुनवाई के अंत में आयुक्त दीपक रावत ने कहा कि जनता के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय या धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जमीन से जुड़े मामलों और साइबर अपराधों पर तुरंत एक्शन लिया जाए ताकि आम जनता को थानों और दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।

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