News: अचरज किंतु सत्य! अपनी ही बरसी में शामिल हुआ यह व्यक्ति, पढ़िए पूरी खबर!

दुनिया से जाने वालों की बरसी और श्राद्व का रिवाज तो आपको पता ही होगा । किंतु दुनिया से अलविदा कहने वालों को स्वयं की ही बरसी और श्राद्ध में शामिल होते आपने शायद देखा ही न हो।

लेकिन ऐसा ही हैरान करने वाला मामला मुजफ्फरपुर से सामने आया है जहां एक व्यक्ति अपने ही बरसी में शामिल हुआ । इतना ही नहीं वह पिछले साल अपने श्राद्ध में भी शामिल था।

जी हां दरअसल बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के सकरा प्रखंड के भारतीपुर गांव के 75 साल के बुजुर्ग हरीश चंद्र दास ने अपने जीते जी 14 नवंबर 2021 को स्वयं के हाथों अपने आप ही अपना श्राद्ध किया था। इस साल उन्होंने 4 नवंबर यानी शुक्रवार को अपनी बरसी भी मनाई है । हरिचंद दास ने पूरे विधि विधान के साथ अपनी बरसी की पूजा करी, अपना सिर मुंडवाया , धोती पहनी और सारे नियम पूरे किए। इसके बाद जो दान आदि किया जाता है उसको भी किया और शुक्रवार देर शाम तक सारे नियम पूरे करने के बाद सब को भोजन भी करवाया। इस दौरान उनके परिवार के साथ साथ गांव के लोग भी उनकी बरसी के कार्यक्रम में सम्मिलित थे ।

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आखिर क्यों करवाई जीते जी बरसी-

जब हरीचंद से यह पूछा गया कि उन्होंने आखिर क्यों अपने जीते जी अपनी बरसी कराई? तो इस पर उनका कहना था कि हम साधु संत हैं, हमने आज तक अपना सारा काम स्वयं किया है इसलिए हम अपना अंतिम काम भी खुद ही करना चाहते थे। इसलिए हमने अपने मरने से पहले ही स्वयं का श्राद्ध और स्वयं की बरसी कर ली है ।

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आपको बताते चलें कि इस हरिचंद्र दास के दो बेटे हैं और दोनों ही किसी अन्य राज्य में जीविका उपार्जन के लिए काम करते हैं । अब हरिचन्द्र 75 साल के हैं तो वह गांव में खेती बाड़ी का काम करते हैं और खेतीबाड़ी से ही अपना पेट पालते हैं ।। हरिचन्द्रदास ने जीते जी अपनी बरसी और श्राद्ध करके सभी लोगों को हैरान कर दिया है।