नीले ड्रम केस: फैसला सुनाने वाले जज के कथित बयान और पेन फेंकने की चर्चा

मेरठ। चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में साहिल और मुस्कान को सजा सुनाने वाले जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा-II के कथित बयानों और फैसले के बाद के उनके अंदाज को लेकर चर्चा हो रही है। बताया जा रहा है कि फैसला सुनाने से पहले उन्होंने महाभारत का उल्लेख करते हुए कहा कि अपराध के अनुरूप दंड देना न्यायिक धर्म है।


मिली जानकारी के मुताबिक, न्यायाधीश ने बाघ और जंगल का उदाहरण देते हुए कानून की भूमिका तथा समाज की सुरक्षा का संदेश भी दिया। उनके कथित वक्तव्यों को न्याय और दंड की अवधारणा से जोड़कर देखा जा रहा है।
फैसले के बाद पेन डस्टबिन में डालने का दावा
इस मामले में एक और दावा चर्चा में है। कहा जा रहा है कि फैसला सुनाने के बाद न्यायाधीश ने अपना पेन डस्टबिन में डाल दिया। हालांकि, उनके बयानों और पेन डस्टबिन में डालने की घटना की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। इसलिए इन दावों को पुष्ट तथ्य के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा।
फिलहाल, इस मामले में न्यायाधीश के कथित बयानों और फैसले के बाद के घटनाक्रम को लेकर चर्चाएं जारी हैं।

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