Uttarakhand: दो मिनट में लौटने का वादा, फिर कभी नहीं लौटा शाश्वत

संतकबीरनगर। उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले के खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने शिक्षक दंपति की दुनिया उजाड़ दी। 17 वर्षीय शाश्वत राय की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। बेटे की असमय मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया।

जानकारी के अनुसार, शाश्वत मूल रूप से मेहदावल के अव्वल केवटलिया मोहल्ले का निवासी था और प्रयागराज (इलाहाबाद) में रहकर पढ़ाई कर रहा था। उसके पिता संजय राय सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं, जबकि मां अनिता राय एक निजी स्कूल में पढ़ाती हैं। परिवार पिछले पांच वर्षों से खलीलाबाद शहर में किराए के मकान में रह रहा था। शाश्वत की चार वर्षीय छोटी बहन भी है।

मां से कहा था- दो मिनट में लौट आऊंगा

रविवार रात करीब आठ बजे शाश्वत नया गिटार लेने के लिए बाइक लेकर घर से निकला था। घर से निकलते समय उसने मां से कहा था कि वह दो मिनट में गिटार लेकर वापस आ जाएगा। लेकिन परिवार को क्या पता था कि यह उसकी मां से आखिरी बातचीत साबित होगी।

बताया जा रहा है कि देर रात करीब 12 बजे जब शाश्वत नूर मस्जिद के सामने स्थित ओवरब्रिज से गुजर रहा था, तभी पीछे से आए एक अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगने से वह करीब 30 फीट नीचे गोलाबाजार के पास पेट्रोल पंप के सामने सड़क पर जा गिरा। हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

बेटे की मौत की खबर सुनकर बेसुध हुए माता-पिता

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों को जब बेटे की मौत की खबर मिली तो माता-पिता सदमे में बेसुध हो गए। जिस बेटे के भविष्य के लिए उन्होंने सपने संजोए थे, उसके इस तरह दुनिया से चले जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

पढ़ाई में था होनहार, इंजीनियर बनने का था सपना

शाश्वत पढ़ाई में बेहद प्रतिभाशाली था। उसने हाईस्कूल की परीक्षा में 92.4 प्रतिशत अंक हासिल किए थे, जिसके लिए जिलाधिकारी द्वारा उसे सम्मानित भी किया गया था। इसके अलावा उसने आईआईआरटी की परीक्षा में 500वीं रैंक प्राप्त की थी। वह इंजीनियर बनकर अपने परिवार का नाम रोशन करना चाहता था, लेकिन एक सड़क हादसे ने उसके सपनों को अधूरा छोड़ दिया।

इस हृदयविदारक घटना के बाद पोस्टमार्टम हाउस पर लोगों की भीड़ जुट गई। विधायक अनिल त्रिपाठी और सपा नेता जयराम पांडेय समेत कई लोग परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है

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