उत्तराखण्ड

उत्तराखंड: देवभूमि का यह मंदिर, मां जगदंबा सिद्ध पीठ के नाम से है विख्यात, बड़ी अजब है इसकी शक्ति

Uttarakhand News: उत्तराखंड को देव भूमि कहा जाता है । यहां के कण-कण में देवताओं का वास है । और देवताओं में शक्ति ऐसी कि जो हर मुराद को पूरी कर दे, हर मुश्किल को आसान कर दे, हर परेशानी को दूर करके झोली खुशियों से भर दे ।

देवभूमि के ऐसे ही शक्तिशाली मंदिर के बारे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं। आज हम बात कर रहें हैं अल्मोड़ा के प्रसिद्ध डोली डाना मंदिर की। इस मंदिर को मां जगदंबा सिद्ध पीठ के नाम से भी जाना जाता है।

मंदिर का इतिहास-

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इस मंदिर के बारे में या मान्यता है कि यह मंदिर चंद वंशी राजाओं द्वारा बनाया गया था। यह मंदिर अल्मोड़ा शहर से तकरीबन 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। मंदिर के चारों ओर खूबसूरत हरे-भरे जंगल है।

मंदिर सड़क से करीब 800 मीटर की दूरी पर है। इस मंदिर के बारे में यह बात प्रचलित है कि जो भी इस मंदिर में आता है यहां पर आकर उसकी मुरादें पूरी होती हैं और उसकी झोली खुशियों से भर जाती है।

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दूरदराज से लोग यहां दर्शन के लिए आते हैं। ट्रेकिंग के लिए भी यह जगह बहुत ही अच्छी मानी जाती है। भक्तों की मनोकामना पूर्ण होने के बाद भक्त इस मंदिर में घंटी चढ़ाते हैं। यहां पर सुंदरकांड, अखंड रामायण कराया जाता है और भंडारा भी इस मंदिर में करवाया जाता है।

इस मंदिर के बारे में एक बात बहुत अधिक गौर करने वाली है ऐसा माना जाता है कि इस मंदिर में माता रानी की साक्षात शक्ति है जगदंबा सिद्ध पीठ इसे इसलिए भी कहा गया है यहां भक्तों की मनोकामनाएं माता रानी ने पूरी की है और कि इस मंदिर परिसर के आस पास बहुत सारे बाघ और तेंदुए आए दिन देखे जाते हैं लेकिन आज तक उन बाघ और तेंदुए ने किसी भी इंसान को या किसी पशु पक्षी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया । इसे माता रानी की कृपा ही माना जाता है कि बाघ और तेंदुए से घिरे रहने के बाद भी यहां अब तक कोई भी नुकसान नहीं हुआ है।

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