उत्तराखंड: एक भिखारी! जो असल में है करोड़ों का मालिक, पढ़िए पूरी खबर!

Uttarakhand News: आपने करोड़पति से रोड पति बनने की कहानियां, किस्से अक्सर ही सुने होंगे ,,,लेकिन भिखारी होते हुए करोड़पति बनने की किस्से कहानियां शायद ही सुने हों । आज हम आपको ऐसे ही एक भिखारी की सच्ची लेकिन चौंकाने वाली दास्तान बता रहे है ।
मांगीलाल इंदौर (मध्य प्रदेश) का एक व्यक्ति है जो कई वर्षों से शहर के सराफा बाजार और आसपास के इलाकों में भीख मांगता देखा जाता था। लोग उसे विकलांग या गरीब समझकर पैसे देते थे।
चौंकाने वाला सच:
हाल ही में इंदौर प्रशासन द्वारा “भिखारी मुक्त इंदौर” अभियान के हिस्से में मांगीलाल को उठाकर जब पुनर्वास के लिए पूछताछ की गई, तो पता चला कि वह कहीं भी वास्तव में गरीब नहीं है बल्कि उसके नाम पर कई संपत्तियाँ और व्यवसाय हैं।
उसकी संपत्ति और आमदनी:
अब तक मिलने वाली जानकारी के अनुसार: वह तीन पक्के मकानों का मालिक है —
- भगत सिंह नगर में तीन मंजिला घर
- शिवनगर में लगभग 600 sq. ft. घर
- अलवासा में 1 BHK फ्लैट (विकलांगता के आधार पर योजना से मिला)
उसके पास तीन ऑटो-रिक्शा हैं जिन्हें वह किराए पर देता है।
उसके पास एक स्विफ्ट डिजायर कार भी है।
वह सराफा बाजार में व्यापारियों को पैसे उधार (ब्याज पर) देता था और ब्याज भी वसूलता था — जो उसकी असली आमदनी का बड़ा हिस्सा है। अपनी प्रतीत आमदनी (भीख और ब्याज) से वह रोज़ाना लगभग ₹400–₹1,000 तक कमाता था। परिवार और जीवन
उसके परिवार में माता-पिता और दो भाई हैं।
वह अपने माता-पिता के साथ अलवासा के घर में रहता है, जबकि उसके भाई अलग-अलग रहते हैं।
सूत्रों के अनुसार-
प्रशासन की कार्रवाई
इंदौर प्रशासन की टीम ने उसे भिखारी के रूप में rescue किया क्योंकि शिकायतें मिली थीं कि वह भीख माँगने को बढ़ावा दे रहा है। अब अधिकारियों द्वारा उसकी संपत्तियों, बैंक खातों और धन के स्रोत की चौकसी की जा रही है। उन पर यह देखने का भी प्रयास है कि वह कैसे संपत्ति का मालिक बना और क्या कानून का उल्लंघन हुआ है।
असल में लाइव उदाहरण के तौर पर मांगीलाल एक ऐसा व्यक्ति है जिसे लोग भिखारी समझते थे,
लेकिन वह वास्तव में संपत्ति-धारक, वाहन मालिक और पैसे उधार देने वाला एक आर्थिक रूप से सक्षम व्यक्ति निकला, जिससे सरकारी और आम जनता दोनों हैरान हैं।

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