श्रीनगर (गढ़वाल) नगर निगम में घोटाले की गूंज! मेयर पर लगे बड़े आरोप

Uttarakhand: श्रीनगर नगर निगम में अनियमितताओं को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। नगर निगम श्रीनगर के वार्ड 40 के पार्षद संदीप सिंह रावत और झाबर सिंह रावत ने मेयर आरती भंडारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी पौड़ी को ज्ञापन सौंपा है। पार्षदों ने नगर निगम के कार्यों में अनियमितता और मेयरपति द्वारा हस्तक्षेप किए जाने की जांच की मांग की है।
पार्षदों का आरोप है कि निगम की पहली बोर्ड बैठक में पारित प्रस्ताव के बावजूद बिना पार्षदों की एनओसी के ठेकेदारों को भुगतान किया जा रहा है। टेंडर संबंधी सूचनाएं पार्षदों को नहीं दी जा रही हैं और चार महीने बाद जानबूझकर 30 दिसंबर को बोर्ड बैठक बुलाई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना बोर्ड प्रस्ताव के 10 हजार बाल्टियों की खरीद की गई। पार्षदों का यह भी कहना है कि मेयरपति नियमित रूप से निगम कार्यालय में मौजूद रहते हैं, यहां तक कि अवकाश के दिनों में भी, और अधिकारियों को निर्देश देते हैं। साथ ही पार्षदों को आपस में लड़वाने का प्रयास किया जाता है। बैकुंठ चतुर्दशी मेले की टेंडर प्रक्रिया में भी पारदर्शिता न बरतने का आरोप लगाया गया है।
वहीं, नगर निगम श्रीनगर की मेयर आरती भंडारी ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि उनके पति केवल सलाहकार की भूमिका में निगम कार्यालय आते हैं और किसी भी प्रकार की दखलंदाजी नहीं करते। मेयर ने यह भी दावा किया कि बैकुंठ चतुर्दशी मेला पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न हुआ।
जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने बताया कि उन्हें नगर निगम श्रीनगर से जुड़ी शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनकी जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और निगम के कार्यों में किसी भी प्रकार के हस्तक्षेप को रोका जाएगा।

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