Uttarakhand news: खेत में उतरे कमिश्नर, डिजिटल सर्वे से बदलेगी किसानों की किस्मत

Uk positive news: जनपद में डिजिटल क्रॉप सर्वे (डी.सी.एस.) के माध्यम से किसानों को सामयिक सलाह से बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिलेेगी।
किसानों को फसल बीमा का लाभ आसानी से मिल सकेगा।
आपदा की स्थिति में किसानों को फसलों के नुकसान के एवज में मुआवजे का भुगतान आसानी से होगा साथ ही फसलों के विपणन की व्यवस्था आसानी से हो सकेगी,कुमाऊँ आयुक्त
डिजिटल क्रॉप सर्वे (डी.सी.एस.) का कार्य जनपद में प्रारम्भ हो गया है। आयुक्त कुमाऊँ/सचिव मा0 मुख्यमंत्री दीपक रावत ने रामपुर रोड स्थित हरिपुर रतनसिंह ग्राम में किसानों के खेत में पहुंचकर डिजिटल क्रॉप सर्वे किया।
आयुक्त ने कहा कि केन्द्र सरकार की एक आधुनिक पहल है, इस सम्बन्ध में मुख्य सचिव ने भी निर्देश दिये है। आयुक्त ने बताया कि यह मोबाइल आधारित प्रक्रिया है इसमें जियो-फेंसिंग और सैटेलाइट इमेजरी के उपयोग से वास्तविक समय में खेतों में बोई गई फसलों का सटीक डेटा एकत्र किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य पारंपरिक सर्वे को बदलकर डिजिटल माध्यम से फसल का सही आंकलन करना है
श्री रावत ने बताया कि डिजिटल क्रॉप सर्वे हो जाने से किसानों की जमीन के बारे में साइंटिफिक डाटा उपलब्ध हो जाएगा और जरूरतमंद किसानों को योजनाओं का उचित लाभ मिल पाएगा. वर्तमान में किस जिले में, किस फसल की, कितने क्षेत्र में खेती की गई है, इस विषय पर विभिन्न स्रोतों के अलग-अलग आंकड़े हैं. डिजिटल क्राप सर्वे योजना में फसलों के रियल टाइम में बोई गई फसलों का कवरेज एरिया का सही आकलन किया जा सकेगा, जिससे फसलों के मार्केटिंग और स्ट्रेटजी मेकिंग में सहूलियत होगी।
उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे समय रहते करने से केन्द्र सरकार द्वारा प्रोत्साहन भी प्रदेश को मिले और कार्य समय रहते पूर्ण हो। उन्होंने बताया इसके लिए कुमायू मंडल में समीक्षा की जा रही है ताकि समय रहते डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य पूर्ण किया जा सके।आयुक्त ने डीसीएस कार्य से जुड़े सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का हौंसला बढ़ाते हुए सर्वे कार्य पूरी शुद्धता व समयबद्धता से पूर्ण करने के निर्देश दिए।
इस दौरान तहसीलदार कुलदीप पाण्डे,राजस्व निरीक्षक अरुण देवरानी, उप निरीक्षक अरुण वर्मा सहित अन्य उपस्थित रहे।
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