उत्तराखण्ड

उत्तराखंड- इस नई तकनीक से कोसी और उसकी सहायक नदियों को मिलेगा नया जीवन

Nainital News- जीवनदायिनी कहीं जाने वाली कोसी व उसकी सहायक नदियों के बाद अब पवित्र गगास नदी को अत्याधुनिक भौगोलिक सूचना विज्ञान तकनीकी (जी आईएस ) से नया जीवन मिलेगा । पिछले तीन दशक से गैर हिमालयी नदियों को बचाने में जुटे जल विज्ञानी प्रोफेसर जीवन सिंह रावत जी ने गगास पर रिसर्च कर उसके अनेकों रहस्यों से पर्दा उठाया है और सबको हैरान कर दिया है । जगत सिंह रौतेला जी द्वारा द्वाराहाट ( अल्मोड़ा ) जीवनदायिनी कोसी व उसकी सहायक नदियों के बाद अब पवित्र गगास नदी को अत्याधुनिक भौगोलिक सूचना विज्ञान तकनीक (जी आई एस) से नया जीवन मिलेगा । बीते 3 दशकों से गैर हिमानी नदियों को बचाने में लगे जल विज्ञानी प्रोफेसर जीवन सिंह रावत ने गगास पर रिसर्च कर उसके अनेकों रहस्यों से पर्दा उठाया है साथ ही जैविक व यांत्रिक उपचार के लिए भौगोलिक मानचित्र भी तैयार करा है । अब वे माइक्रो प्लांट बनाने में जुट गए हैं । एक बार फिर भागीरथी प्रयास से कोसी की तर्ज़ पर गगास के उद्धार की आशाएं जगी हैं ।

हिमालयी राज्य की गैर हिमानी नदियों के पुनर्जन्म में जुटे नेशनल जियो स्पेशल चेयर प्रोफेसर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी भारत सरकार की पहल पर ही पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत जी ने नदी संरक्षण को ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल किया था ।अब प्रोफेसर रावत ने ऋषि गार्गी की तपोस्थली से निकलने वाली गगास पर शोध कर उनके रहस्यों से पर्दा हटा कर सबको अचंभित कर दिया है। वहीं उसके पुनर्जन्म की राह भी उन्होंने दिखाई है जो कि किसी आश्चर्य से कम नहीं

1 Comment

1 Comment

  1. Kusum

    August 6, 2021 at 3:50 pm

    Good initiative

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

To Top