उत्तराखण्ड

उत्तराखंड: देवभूमि के इस युवा की आवाज का जादू सिर चढ़कर बोल रहा है, दुनिया है इनकी आवाज की दीवानी

Uttarakhand News: हौसले मजबूत हो तो बड़ी से बड़ी परेशानी भी पीछे छूट जाती है। खुद पर विश्वास करने के बाद हर मंजिल आसान दिखती है। ज्योलीकोट से निकलकर पूरी दुनिया में अपनी आवाज का जादू बिखेरने वाले पंकज जीना का नाम तो आपने सुना ही होगा। सोशल मीडिया पर सभी के चहेते पंकज जीना को प्रतिष्ठित अवार्ड से नवाजा गया है। इस उपलब्धि से पूरे नैनीताल जिले का नाम रोशन हुआ है।

पंकज जीना की कहानी संघर्ष से भरी रही है। जिला नैनीताल पोस्ट ऑफिस ज्योलिकोट के चोपड़ा गांव का एक लड़का, जिसके सपने जरूर बड़े थे मगर साथ में कई मुश्किलें भी खड़ी थी। लेकिन पंकज ने कभी भी मुश्किलों के सामने घुटने नहीं टेके और आगे बढ़ने का फैसला किया। आज की तारीख में पंकज जीना के सोशल मीडिया पर लाखों चाहने वाले हैं।

पंकज जीना ने सिर्फ अपनी आवाज से पूरे देश में नाम कमाया है। फिलहाल बनारस में रेडियो जॉकी का काम कर रहे पंकज जीना के शो ” हैशटैग किस्से विद पंकज जीना ” को ” ग्लोबल कस्टमर इंगेजमेंट फोरम एंड अवॉर्ड्स ” द्वारा सम्मानित किया गया है। पंकज को ये अवार्ड उनकी बुलंद आवाज और कहानी सुनाने के सलीके के कारण हासिल हुआ है।

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इस उपलब्धि के पीछे पंकज के बड़े भाई कमल जीना का भी बड़ा हाथ है। और संगीत की कला में निपुण कमल ही पंकज की आवाज में संगीत का मिश्रण करते हैं। पंकज के पिता जगत सिंह जीना और माता दीपा देवी ज्योलिकोट में ही रहते हैं। पंकज ने डीएसबी परिसर से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है।

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वह रेड एफएम देहरादून में काम कर चुके हैं। इसके बाद बनारस जाकर रेडियो सिटी रेडियो चैनल और लखनऊ जाकर फीवर एफएम रेडियो चैनल में भी कार्य किया है। फिलहाल भी वह बनारस में हैं और रेडियो के साथ सोशल मीडिया पर भी आवाज की जादूगरी दिखा रहे हैं। इंस्टाग्राम पर पंकज के सात लाख फॉलोअर्स हैं। ये अवार्ड उस बात की मिसाल है कि हौसले हों तो सपने पूरे जरूर होते हैं।

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