उत्तराखण्ड

उत्तराखंड: कल 1 मार्च को महाशिवरात्रि का पावन पर्व, भोलेनाथ को समर्पित है ये दिन

Uttarakhand News : सोमवार, 28 फरवरी को यानी आज सोम प्रदोष व्रत है, जबकि मंगलवार, 1 मार्च को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा। भगवान शिव को समर्पित ये दोनों ही दिन पूजा के लिए बहुत ही शुभ माने जा रहे हैं।

शिवरात्रि पर इस बार दो दिन के शिव पर्व का महासंयोग बन रहा है. सोमवार, 28 फरवरी को यानी आज सोम प्रदोष व्रत है, जबकि मंगलवार, 1 मार्च को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा। भगवान शिव को समर्पित ये दोनों ही दिन पूजा के लिए बहुत ही शुभ माने जा रहे हैं। ज्योतिषियों का कहना है कि इससे पहले 12-13 फरवरी 2018 को ऐसा संयोग बना था और अब 20 साल बाद यानी 2042 में ऐसा महासंयोग बनेगा।

महाशिवरात्रि का पर्व फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान शिव का प्राकट्य हुआ था । इसके अलावा शिवजी का विवाह भी इसी दिन माना जाता है। इस दिन महादेव की उपासना से व्यक्ति को जीवन में सम्पूर्ण सुखों की प्राप्ति हो सकती है। शिवरात्रि पर व्रत, उपवास, मंत्र जाप और रात्रि जागरण का विशेष महत्व बताया गया है।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड: स्वरोजगार से इस युवा ने बनाई अपनी अलग पहचान, जानिए कौन है ये

महाशिवरात्रि का पर्व फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान शिव का प्राकट्य हुआ था। इसके अलावा शिवजी का विवाह भी इसी दिन माना जाता है. इस दिन महादेव की उपासना से व्यक्ति को जीवन में सम्पूर्ण सुखों की प्राप्ति हो सकती है. शिवरात्रि पर व्रत, उपवास, मंत्र जाप और रात्रि जागरण का विशेष महत्व बताया गया है।

यह भी पढ़ें 👉  Dream11 ने बदल दी बेरीनाग के हरीश की किस्मत , ऊपर वाले ने दिया छप्पर फाड़ के

महाशिवरात्रि इस बार क्यों है खास? ज्योतिषियों की मानें तो महाशिवरात्र पर इस बार शिवयोग के साथ ही मकर राशि में पंचग्रही योग का निर्माण होगा और कुंभ राशि में सूर्य-गुरु की युति बनेगी। ग्रहों के इस दुर्लभ संयोग में भगवान शिव की उपासना अधिक फलदायी मानी जा रही है। इस दिन भगवान शिव की उपासना करने वालों को मनोवांछित फल की प्राप्ति हो सकती है।

वहीं, 28 फरवरी को सोम प्रदोष व्रत पर सर्वार्थसिद्धि योग में भी भगवान शिव की पूजा करना भक्तों के लिए बहुत लाभदायक सिद्ध हो सकता है। इस दिन सर्योदय के बाद और सूर्यास्त से पहले भोलेनाथ की पूर्ण विधि-विधान से पूजा करें। ऐसा करने से जाने-अनजाने हुए पापों का प्रायश्चित हो जाता है। महाशिवरात्रि से पहले सोम प्रदोष व्रत का आना बहुत ही शुभ माना जा रहा है।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड :देवभूमि के इस युवक ने करवाया समस्त उत्तराखंड को गौरवान्वित सीडीएस में हासिल की 10 वी रैंक

महाशिवरात्रि पर कैसे करें शिवजी की पूजा? इस दिन सुबह स्नान करके शिव पूजा का संकल्प लें। सूर्य को अर्घ्य दें और शिवजी को जल अर्पित करें। इसके बाद पंचोपचार पूजन करके शिवजी के मंत्रों का जाप करें। रात में शिव मंत्रों के अलावा रुद्राष्टक या शिव स्तुति का पाठ भी कर सकते हैं। अगर चार पहर पूजन करते हैं तो पहले पहर में दूध, दूसरे में दही, तीसरे में घी और चौथे में शहद से पूजा करें। हर पहर में जल का प्रयोग जरूर करना चाहिए। इस दिन तमाम समस्याओं से मुक्ति पाने के प्रयोग भी होते हैं.

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

संपादक –
नाम: चन्द्रा पाण्डे
पता: पटेल नगर, लालकुआं (नैनीताल)
दूरभाष: +91 73027 05280
ईमेल: [email protected]

© 2021, UK Positive News

To Top