उत्तराखण्ड

उत्तराखंड:देवभूमि की यह महिला बन रही है दुनिया के लिए मिसाल, 54 वर्ष की होकर भी कर रही सबको हैरान

नैनीताल: पहाड़ की महिलाएं किसी पहाड़ की चट्टान से कम नहीं है । पहाड़ की महिलाएं हर मोर्चे पर पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलती हैं नैनीताल जनपद के रामगढ़ ब्लॉक के ओड़ाखान गांव निवासी कमला नेगी को लोग महिलाओं और पुरुषों के लिए मिसाल बनी हुई है जो पुरुष समाज द्वारा किए जाने वाले काम को बखूबी निभा रही हैं।

कमला 54 वर्ष की उम्र में भी बड़ी आसानी से छोटे बड़े वाहनों सहित जेसीबी के टायर पंक्चर अकेले जोड़ देती हैं. दुपहिया वाहनों की सर्विसिंग भी ऐसी की हर कोई उनसे ही अपने वाहनों की सर्विसिंग करवाना चाहता है।
आसपास के लोग कमला ने डिपो कमला देवी के नाम के साथ-साथ “टायर डॉक्टर” के नाम से भी पुकारते हैं ।

कमला उन पर्यटकों के लिए भी देवी के समान ही हैं जिनका टायर पंक्चर हो जाता है या अन्य किसी समस्या के कारण उनकी गाड़ियां खराब हो जाती है दिन हो या रात किसी को भी परेशानी न हो इसलिए कमला ने दुकान के बाहर ही अपना नम्बर चस्पा कर दिया है. लोग उन्हें फ़ोन करते हैं और वह तुरंत वह टायरों की पंचर जोड़ने के साथ-साथ खराब गाड़ियों को ठीक करने आ जाती है। कमला नेगी का घर उनके दुकान के पास ही हैं जिससे वो लोगों की मदद भी करती हैं।

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कमला लगभग 15 साल से साइकिल हो या कार ट्रक हो या जेसीबी मशीन सभी गाड़ियों के टायर कुछ मिनटों में ही अकेले खुद पंचर जोड़कर गाड़िया ठीक कर देती हैं।
आज समाज में उनकी अलग पहचान बना चुका है. वह 54 वर्ष की हैं मगर उनकी काम करने की सामर्थ्य, फुर्ती और जज्बे के सभी मुरीद है।

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कमला के दो बच्चे हैं पुत्र देश सेवा के लिए सीमा सुरक्षा बल में तैनात है तो पुत्री के हाथ पीले कर दिए हैं। कमला बताती हैं कि वे अब तक मोटरसाइकिल, स्कूटर, ट्रक, बस, साइकिल यहां तक कि जेसीबी के पंचर कुछ देर में जोड़ कर तैयार कर देती हैं और कार, बाइक की सर्विसिंग भी कर लेती हैं.

कमला को तमाम संस्थाओं की ओर से इस कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र मिल चुके हैं. उनका मानना है की मेहनत, लगन और दिल से जो काम किया जाए तो सफलता पीछे दौड़ी चली आती है।

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कमला एक एनजीओ में भी कार्य कर रही हैं और अध्यक्षा का दायित्व निभा रही हैं ।लेकिन उनका कहना है कि असली मजा तो गाड़ियों के साथ वक़्त बिताने में ही आता है. रोजाना सर्विसिंग, पंक्चर जोड़ने के थकान भरे काम के बाद घर के कामकाज व प्रबंधन को देखते हुए उनके पति हयात उनकी तारीफ करते नहीं थकते. हयात कमला का हौसला बढ़ाते हुए कहते हैं — मेरी पत्नी किसी आयरन लेडी से कम नही है।

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