कुमाऊँ

उत्तराखंड- खटीमा निवासी आवृति रतूड़ी ने बढ़ाया देवभूमि का मान,अच्छे काम के लिए अमेरिका में मिला सम्मान

खटीमा- कोरोना काल के दौरान युवाओं ने दिखाया कि उनमें समाज को आगे लेकर जाने के सभी गुण हैं। जिम्मेदारियों को निभाने के मामले में देवभूमि की बेटियां भी पीछे नहीं रहीं। इसी क्रम में खटीमा की आवृति रतूड़ी द्वारा कोरोना महामारी में महिला स्वास्थ्य के लिए किए गए प्रयासों को भुलाया नहीं जा सकता। अमेरिका में भी बेटी के प्रयासों को याद किया गया है। जो कि एक बड़ी उपलब्धि है।

खटीमा निवासी आवृति रतूड़ी उत्तराखंड सरकार स्वास्थ्य समन्व्यक डॉ. आनंद मोहन रतूड़ी व ऊधमसिंहनगर जिले की सीएमओ डॉ. सुनीता चुफाल रतूड़ी की बेटी हैं। वह इस वक्त अमेरिका के टुसान में एलर कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट से पढ़ाई कर रही हैं। मैनेजमेंट की पढ़ाई का ये आवृति का तीसरा साल है।

पिछले साल आई कोरोना की पहली लहर और इस साल आई दूसरी लहर ने पूरी दुनिया को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। लेकिन डॉक्टर्स समेत सभी कोरोना योद्धाओं ने हिम्मत नहीं हारी। इसी दौरान आवृति रतूड़ी ने भी जिम्मेदारी निभाने का प्रण लिया। आवृति ने कोरोना महामारी और महिला स्वास्थ्य के लिए लोगों को जागरुक करने का काम किया।

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कोरोना काल के दौरान महिला स्वास्थ्य के लिए उत्कृष्ट कार्य करने का ही नतीजा है कि बेटी को अमेरिका में इतनी बड़ी उपलब्धि नसीब हुई है। दरअसल अमेरिका में टुसान की टुसान वीकली ने आवृति के प्रयासों की सराहना करते हुए एक लेख प्रकाशित किया है। जिसे एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।

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गौरतलब है कि महिला स्वास्थ्य के बारे में कोई बात नहीं करना चाहता। ऐसे में कोई आगे आकर खुलकर महिलाओं के स्वास्थ्य के बारे में बात करे तो तारीफ होना तो लाजमी है। माता डॉ. सुनीता ने कहा कि आवृति दिल्ली से पढ़ाई करने के बाद अमेरिका चली गई थी। कोरोना काल के दौरान उसने महिला स्वास्थ्य और महामारी के लिए कई जागरुक अभियान चलाए।

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उन्होंने बताया कि जागरुकता अभियान में आवृति ने कई पूर्वागृहों व भ्रमों को तोड़ा। जिससे आमजनों में खासकर महिलाओं को फायदा हुआ। यह अभियान वर्चुअल माध्यम से किए जाते थे। डॉ. सुनीता ने बताया कि जागरुकता अभियान में अमेरिका के अलावा भारत के कई राज्य जैसे राजस्थान, दिल्ली व महाराष्ट्र आदि राज्यों के लोगों ने प्रतिभाग किया।

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